
बिजनौर: वन क्षेत्र में तालिब और उसके भाइयों द्वारा वन विभाग की ओर से सील की गई आरा मशीन को तोड़कर संचालन करने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। वन विभाग की नज़र से यह पूरी कार्रवाई अनदेखी रही, जबकि पहले सांसद भारतेंद्र सिंह के समर्थकों ने ड्रोन से वीडियो बनाकर आरा मशीन चलाने की पूरी पोल खोल दी।
मामले के खुलासे के बाद सपा नेता खुलकर तालिब और उनके भाइयों के समर्थन में आ गए हैं। भाजपा के पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर तालिब और उनके भाईयों से जुड़े विवाद ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। आसपास के जिलों से भी नेता पूर्व सांसद का हाल जानने के लिए मुरादाबाद पहुंचे। बुधवार शाम जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह और ब्लॉक प्रमुख सहित अन्य नेता भी भारतेंद्र सिंह के पास पहुंचे। सोशल मीडिया पर भी इस प्रकरण को लेकर चर्चा और टिप्पणी का सिलसिला जारी है।
सपा विधायक रामौतार सैनी नूरपुर से शहर कोतवाली में बंद तालिब और उनके भाइयों से मिलने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने एसडीएम और डीएम से भी मुलाकात की। वहीं सपा नेता डॉ. रमेश तोमर और अन्य पदाधिकारियों ने डीएम से मिलकर आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई एकपक्षीय है। मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने भी तालिब और उनके भाइयों के समर्थन में बयान जारी किया।
सपा नेता राहुल चौधरी ने कहा कि कई महीनों से चल रहे इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन कार्रवाई कर रहा है, कई बार तालिब और उनके भाई जेल गए हैं। इसके बावजूद किसी जनप्रतिनिधि को किसी की प्रॉपर्टी पर जाकर आरा मशीन चलाने की अनुमति देना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे जनता को निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कैसे होगी।
तालिब और उसके भाइयों द्वारा आरा मशीन चलाने के मामले में प्रशासन और वन विभाग दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित करने में जुट गया है। एडीएम न्यायिक ने आरा मशीन से संबंधित रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसके बाद डीएम ने एडीएम न्यायिक और डीएफओ को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में दोष निर्धारण करें।
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