
भोपाल। शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में चल रहे आंदोलन ने शनिवार को राजनीतिक रूप ले लिया। नीलम पार्क में पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से उनकी मांगों को लेकर बातचीत की और मौके से ही स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से फोन पर बात की।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों की मांगों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। बातचीत के बाद 8 सितंबर, मंगलवार को वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने पर सहमति बनी।
सरकार के साथ बैठक के आश्वासन के बाद दिग्विजय सिंह ने आंदोलनकारियों से कहा कि अब सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुल गया है। इसके बाद उन्होंने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आगामी बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल भूख हड़ताल पर रोक लगी है। पदों में वृद्धि होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
दिग्विजय सिंह के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी नीलम पार्क पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया।
पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक अभ्यर्थी राजधानी में 16 दिनों से भूखे बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है।
उन्होंने कहा, “आप अपनी लड़ाई लड़ो, हम आपके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री जी, वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाइए और इन अभ्यर्थियों को न्याय दीजिए।”
पटवारी ने कहा कि त्योहार के दौरान भी महिला अभ्यर्थी अपने घर नहीं जा सकीं और भूख हड़ताल पर बैठी रहीं। उन्होंने सरकार से तत्काल पद बढ़ाने की मांग की।
अब आंदोलनकारियों और सरकार के बीच 8 सितंबर को होने वाली बैठक को अहम माना जा रहा है। बैठक में वर्ग-2 और वर्ग-3 के प्रतिनिधि अपनी मांगें सरकार के सामने रखेंगे। दिग्विजय सिंह भी अभ्यर्थियों के साथ इस बैठक में शामिल होंगे।
अभ्यर्थियों के अनुसार, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2023 में कुल 8,720 पद विज्ञापित किए गए थे। पहली काउंसलिंग में सिर्फ 2,901 नियुक्तियां हुईं। इसके बाद 5,819 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे अंतराल के बाद भर्ती निकलने के कारण कई उम्मीदवार आयु सीमा पार करने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा भर्ती में ही अतिरिक्त पद जोड़े जाएं और दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए।
वर्ग-2 के अभ्यर्थी विषय शिक्षक, खेल, संगीत, नृत्य, गायन और वादन समेत अलग-अलग विषयों में कम से कम 3 हजार अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, वर्ग-3 के अभ्यर्थियों की मांग है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाकर 25 हजार किए जाएं और दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए।
अभ्यर्थियों ने बजट सत्र में स्वीकृत 15 हजार शिक्षक पदों को भी वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग रखी है। उनका तर्क है कि इससे नई भर्ती और परीक्षा आयोजित करने में लगने वाला समय और सरकारी खर्च दोनों बचाए जा सकते हैं।
अभ्यर्थियों ने स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि रिक्तियों की तुलना में मौजूदा भर्ती में काफी कम पद रखे गए हैं।
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