
राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र के मंडापुरा गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें तीन बच्चों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रमेश, एसडीएम राजेश कुमार विश्नोई और पचपदरा थानाधिकारी गीता कुमारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, भील बस्ती निवासी किशन (8), सोहन (7) और विकास (9) मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे घर से खेलने के लिए निकले थे। देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। शाम तक ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चला।
इसी दौरान घर के पास बने सीवरेज के पानी से भरे गहरे गड्ढे के किनारे बच्चों की चप्पलें दिखाई दीं, जिसके बाद अनहोनी की आशंका गहरा गई।
सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से करीब शाम 5 बजे तीनों बच्चों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा सीवरेज के गंदे पानी के फैलाव को रोकने के लिए खोदा गया था, जो बाद में खतरनाक रूप ले बैठा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में सीवरेज निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई जगह इस तरह के खुले और गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच के आधार पर गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
उपखंड अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि जमीन किसकी है और इतना गहरा गड्ढा किसकी अनुमति से खोदा गया था। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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