
सहारनपुर/बागपत। दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के दूसरे चरण को फिलहाल वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। यह खंड बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर सहारनपुर बाईपास के लाखनौर तक फैला है, जिसकी कुल लंबाई करीब 120 किलोमीटर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने यह कदम अंतिम चरण के निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
इस हिस्से में इस समय सड़क की पेंटिंग, मार्किंग और अन्य फिनिशिंग कार्य चल रहे हैं, जिस कारण यहां वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है।
करीब 210 किलोमीटर लंबे इस मेगा प्रोजेक्ट को चार खंडों में विकसित किया जा रहा है—
पहला खंड: दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल जंक्शन तक लगभग 32 किमी, जिसे पहले ही चालू किया जा चुका है।
दूसरा खंड: बागपत से सहारनपुर बाईपास के लाखनौर तक 120 किमी, जहां अभी काम अंतिम दौर में है। इसमें सहारनपुर जिले का लगभग 33 किमी हिस्सा भी शामिल है।
तीसरा खंड: लाखनौर से गणेशपुर तक करीब 40 किमी।
चौथा खंड: गणेशपुर से देहरादून के आसारोडी तक 18 किमी, जिसमें 12 किमी एलिवेटेड रोड शामिल है।
तीसरे और चौथे चरण पर फिलहाल यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।
गणतंत्र दिवस की छुट्टियों के दौरान कई वाहन चालक गूगल मैप्स के भरोसे अधूरे बागपत–सहारनपुर हिस्से में घुस गए थे। इससे इस खंड पर दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए एनएचएआई ने पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया है।
प्राधिकरण के अनुसार, भारी निर्माण मशीनें, अधूरी सड़क सतह और पर्याप्त संकेतकों की कमी के कारण यह हिस्सा अभी यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं है।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर सोनू सिंह ने बताया कि इस खंड का काम फरवरी के दूसरे सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद मंत्रालय से अनुमति मिलते ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
तब तक यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और इस एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में प्रवेश न करें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.