
झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। हादसे से पहले अबान की कार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। यह जानकारी हादसे के बाद तकनीकी जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है।
तकनीकी जांच कमेटी ने दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण किया और रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट से हादसा होने की पुष्टि होती है, लेकिन दुर्घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, हादसे की परिस्थितियों को देखते हुए चालक को झपकी आने की संभावना जताई गई है। जांच रिपोर्ट लखनऊ के आला पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई है।
छह अगस्त की सुबह प्रयागराज से झांसी जाते समय झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अबान की कार हाईवे की सुरक्षा दीवार से टकरा गई थी। हादसे के बाद तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग के आरआई राघव कुमार और एमटी (तकनीकी) प्रभारी शिव कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
जांच के दौरान टीम ने कार के ब्रेकिंग सिस्टम, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, पहियों, व्हील अलाइनमेंट, वाहन की बॉडी के क्रश पैटर्न, पैसेंजर कंपार्टमेंट, एयरबैग और सीट-बेल्ट सिस्टम की जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि दुर्घटना से पहले कार में किसी तरह की यांत्रिक खराबी तो नहीं थी।
अबान की कार का बायां फ्रंट हिस्सा कंक्रीट की मजबूत दीवार से टकराने के बाद पीछे की सीट तक धंस गया था। हादसे के बाद कार की स्थिति के आधार पर उसकी रफ्तार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे आंकी गई। इसी रफ्तार में कार सीधे कंक्रीट की सुरक्षा दीवार से जा टकराई।
टक्कर में पहियों को स्टीयरिंग से नियंत्रित करने वाला टाई-रॉड क्षतिग्रस्त हो गया। एयरबैग भी अबान की जान नहीं बचा सका। क्षेत्राधिकारी (मोंठ) सुनील शर्मा ने बताया कि तकनीकी टीम ने कार का परीक्षण किया था और उसकी जांच रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है।
सुरक्षा दीवार से टक्कर के बाद कार का बायां हिस्सा पूरी तरह पीछे की ओर धंस गया। तकनीकी भाषा में इसे फ्रंटल डिफॉर्मेशन क्रश कहा जाता है। ऐसी स्थिति अगली सीट पर बैठे यात्री के लिए बेहद जानलेवा होती है।
कार करीब 36.1 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चल रही थी। ऐसे में सामने आई बाधा से बचने के लिए चालक के पास करीब एक सेकंड का समय था और इस दौरान भी कार लगभग 36 मीटर आगे बढ़ गई। इसी वजह से कंक्रीट की सुरक्षा दीवार से टकराते ही कार का फ्रंट क्रश जोन पीछे के पैसेंजर हिस्से तक पहुंच गया।
हादसे के दौरान टक्कर के बाद कार करीब 10 फीट की ऊंचाई तक उछली और फिर दाएं टायर के बल नीचे आकर गिरी। ऐसी स्थिति में दायां पहिया और सस्पेंशन सामान्य सड़क संपर्क की तुलना में अचानक ज्यादा वर्टिकल इम्पैक्ट लोड झेलते हैं।
जमीन से टकराते समय वाहन का पूरा भार उसी हिस्से पर आया, जिसे तकनीकी तौर पर इम्पैक्ट लोडिंग कहा जाता है। हादसे के बाद इसी वजह से बाएं हिस्से में टक्कर होने के बावजूद कार के दाएं हिस्से के टायर और सस्पेंशन भी क्षतिग्रस्त हुए थे।
झांसी जेल में बंद अपने भाई अली अहमद से मिलने जा रहे माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद (19) और उसके दोस्त मोहम्मद शाकिर (22) की 6 अगस्त 2026 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
हादसे में तीन लोग घायल हुए थे, जिन्हें महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उमेश पाल हत्याकांड और रंगदारी मांगने के आरोप में अतीक अहमद का बेटा अली अहमद एक अक्तूबर 2025 से झांसी जेल में निरुद्ध है।
उससे मिलने के लिए प्रयागराज निवासी अबान अहमद अपने साथियों अहजम (26), मोहम्मद जैद (35), उमर (18) और मोहम्मद शाकिर (22) के साथ कार संख्या यूपी-70 एफडब्ल्यू-2432 से सुबह करीब पांच बजे प्रयागराज से झांसी के लिए रवाना हुआ था। कार मोहम्मद जैद चला रहा था, जबकि अबान आगे की सीट पर बैठा था।
तत्कालीन एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार, 6 अगस्त की सुबह करीब साढ़े दस बजे पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ घायलों को बाहर निकाला।
सिर में गंभीर चोट लगने से अबान अहमद और मोहम्मद शाकिर की मौके पर ही मौत हो गई। घायल मोहम्मद जैद, अहजम और उमर को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस के अनुसार, सभी लोग झांसी जेल में बंद अली अहमद से मुलाकात के लिए आ रहे थे।
जांच के दौरान कार से गुटखा, सिगरेट की डिब्बी, अंग्रेजी भाषा की पुस्तकें, ‘स्टेशनरी शॉप ऑफ तेहरान’ से संबंधित सामग्री, एक जोड़ी जूते, चार जोड़ी चप्पल और चार मोबाइल फोन समेत अन्य सामान मिला था। पुलिस ने सभी सामान कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया था।
जेल सूत्रों के मुताबिक, अबान अहमद पिछले करीब दस महीनों में अपने भाई अली अहमद से मिलने करीब 40 बार झांसी जेल आ चुका था। 6 अगस्त को भी वह अपने साथियों के साथ नियमित मुलाकात के लिए झांसी आ रहा था।
झांसी में अतीक अहमद के परिवार के दो बेटों की मौत हो चुकी है। 13 अप्रैल 2023 को उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद अहमद को एसटीएफ ने पारीछा के पास मुठभेड़ में मार गिराया था। अब उसके छोटे भाई अबान अहमद की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस तरह अतीक के दोनों बेटों की मौत झांसी में हुई।
झांसी जिला कारागार में बंद अली अपने सबसे छोटे भाई अबान के आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान जेल प्रशासन के माध्यम से उसे सड़क हादसे में अबान की मौत की सूचना दी गई। खबर मिलते ही अली बेसुध हो गया और फफक-फफक कर रोने लगा।
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