
मालदा: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है और इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा में आयोजित रैली में इसे लेकर बीजेपी और केंद्र पर जोरदार हमला बोला। ममता ने कहा कि उनके राज्य में कोई भी बंगाली डिटेंशन कैंप में नहीं जाएगा और न ही उसे बांग्लादेश भेजा जाएगा।
रैली में मुख्यमंत्री ने हिंदुत्व के मुद्दे को भी छेड़ा और स्पष्ट किया कि बीजेपी से हिंदुत्व की सीख लेने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने चुनावी मंच से अपने संबोधन में कहा कि SIR के जरिए बंगाल में राजनीति करने की कोशिश की जा रही है।
मालदा रैली में ममता ने सुनाली खातून का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सुनाली को बांग्लादेशी बताकर बॉर्डर पार भेज दिया गया था, सिर्फ इसलिए कि वह बंगला भाषा बोलती है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुनाली को भारत लौटने की अनुमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र की एनडीए सरकार पर कड़ा हमला बोला।
सीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले SIR करवाने की साजिश में उनका हाथ है। ममता ने कहा, “बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में SIR शुरू करके अपनी ही कब्र खोद ली है।”
इस समय पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी वोटरों को हटाना है। अब SIR फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर, 2025 कर दी गई है, जो पहले 4 दिसंबर थी। पिछले बिहार चुनाव में SIR के दौरान 47 लाख फर्जी वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाया गया था।
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